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Birthday Special: जब निर्भया केस से चिंतित फरहान अख्तर ने बेटी को लिखा खत, इस बात के लिए किया था आगाह

बॉलीवुड के मल्टी टैलेंटेड स्टार फरहान अख्तर का आज जन्मदिन है। एक्टर और सिंगर फरहान आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। इन दिनों फरहान शिबानी दांडेकर संग रिलेशनशिप को लेकर चर्चा में हैं। फरहान पत्नी से भले ही अलग हो गए हों लेकिन वह अपनी बेटी के काफी करीब हैं। कई साल पहले फरहान अपनी बेटी को लिखे एक खत के चलते काफी ज्यादा चर्चा में रहे थे। आइए जानते हैं फरहान ने इस खत में क्या लिखा था...

 

Farhan Akhtar with daughter

कुछ ऐसा था बेटी को लिखा गया खत:
फरहान ने ये खत अपनी बेटी शाक्या को लिखा था। उन्होंने इस खत में देश में बढ़ते हुए यौन अपराधों को लेकर लिखा था। बता दें कि कुछ समय पहले अमिताभ ने भी इसी विषय के चलते अपनी नाती-पोती को खत लिखा उसी तर्ज पर फरहान अख्तर ने अपनी बेटी को खुला पत्र लिखा था। जिसमें फरहान ने अपनी बेटी को समाज की गंदी मानसिकता के बारे में बताया था।

 

Farhan Akhtar with daughter

इन बातों को केंद्रित है ये खत:
फरहान के इस खत में उन्होंने रेप और यौन हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात रखी है। उन्होंने पत्र में लिखा, 'प्यारी बेटी, मैं रेप और यौन हिंसा के बारे में तुम्हें बताते हुए कैसे इस खत की शुरुआत करूं? कोई भी पिता अपने बच्चों की सुरक्षा ही चाहता है लेकिन हमें इन बातों को डिसक्स करना ही होगा। मेरा स्वभाव, एक पिता का स्वभाव है, सुरक्षा और पालन-पोषण के लिए, लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें सामने आना चाहिए और बात करनी चाहिए।' इस तरह की कई बातों का जिक्र फरहान ने अपने खत में किया जिसे शायद हर पिता को करना चहिए। बता दें कि ये सारी बातें फरहान ने उनकी टीम के वकील की दर्दनाक हत्या के बाद लिखी थी। उस वक्त उनकी बड़ी बेटी शाक्या 12 साल की थीं इसलिए ये सारी बातें फरहान ने अपनी बेटी से नहीं की।

फरहान की कविता और खत...
यह कैसा देश है जहां मैं रह रहा हूं?
जो उसके प्यार करने के अधिकार को छीन लेता है
उसके साथ एक लोहे की रॉड से बर्बर व्यवहार करता है
बेखौफ उसके साथ बलात्कार करता है,
क्या उसके आंसुओं के साथ न्याय होगा ?
…मैं अपनी बेटी को क्या बताऊं?
कि वह किसी भेड़ की तरह हलाल कर दिए जाने के लिए बड़ी हो रही हैं,
हमें बदलाव लाना होगा.
रीबूट(पुनः शुरुआत) , रिफॉर्म (सुधार), रिअरेंज (पुनर्व्यवस्थित)
और कभी हार नहीं माननी होगी।
कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारा सर कितना घूमता है
बस इस सवाल को पूछते रहिए
मैं यह किस देश में रह रहा हूं?

 



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