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25 साल बाद भी नहीं सुलझी दिव्या भारती की मौत की गुत्थी, पति पर लगा था ये आरोप, जानें मौत के चंद घंटों पहले की कहानी

बॉलीवुड में कई ऐसे स्टार्स हैं जिनकी मौत आज भी पहेली बनकर रह गई है। उन्हीं में से एक हैं मशहूर एक्ट्रेस Divya Bharti। दिव्या ने महज 19 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी मौत 5 अप्रेल, 1993 (Divya Bharti death anniversary) को हुआ थ। दिव्या 90 के दशक की बेहतरीन अदाकाराओं में गिनी जाती थीं। उन्होंनें बॉलीवुड के साथ साउथ की कई फिल्मों में भी काम किया था।

मौत एक अनसुलझी पहेली:
5 अप्रेल, 1993 को दिव्या भारती की एक बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई थी। बात दें कि दिव्या ने मौत से एक साल पहले ही उन्होंने निर्देशक-निर्माता साजिद नाडियाडवाला (Sajid Nadiadwala) से शादी की थी। साजिद के प्यार में पागल दिव्या ने शादी करने के लिए इस्लाम धर्म कबूल किया था। इसके बाद दोनों ने 10 मई, 1992 को निकाह कर लिया। आज तक उनकी मौत एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। उनकी मौत के पीछे कई तरह की अटकलें लगाई जाती हैं। कुछ लोग साजिद को ही दिव्या की मौत का जिम्मेदार ठहराया। वहीं इस तरह की बातें भी सामने आई कि साजिद के अंडरवर्ल्ड से रिश्ते होने की बात से दिव्या परेशान रहती थीं।

 

Actress Divya Bharti

मौत के दिन दिव्या ने किया था ये बड़ा काम:
आपको बता दें कि जिस दिन दिव्या भारती की मौत हुई है उसी सुबह उन्होंने मुंबई में ही अपने लिए नया 4 बीएचके घर खरीदा था। इसके लिए वह चेन्नई में अपनी शूटिंग को रोक कर आईं थीं। बता दें कि दिव्या के पैर में चोट लगी थी लेकिन ये डील इनती जरूरी थी की उन्हें इसी हालत में चेन्नई से मुंबई आना पड़ा। दिव्या ने जो फ्लैट दिया था वह पांचवे मोले पर था। रात करीब 10 बजे वह अपने वरसोवा स्थित तुलसी अपार्टमेंट में मौजूद थीं। उनसे साथ उस वक्त उनके घर में उनकी दोस्त और डिजाइनर नीता लुल्ला अपने पति के साथ उनसे मिलने आई हुई थीं। तीनो लिविंग रूम में बैठे बातों में मस्त थे और शराब का दौर चल रहा था। उस वक्त उनकी नौकरानी अमृता भी वहीं मौजूद थी। रात के करीब 11 बजे अमृता किचन में कुछ काम करने गईं, नीता अपने पति के साथ टीवी देखने में व्यस्त थीं।

Divya Bharti

खिड़की पर नहीं थी ग्रिल:
इसी वक्त दिव्या कमरे की खिड़की की तरफ गईं और वहीं से तेज आवाज में अपनी नौकरानी से बातें कर रही थीं। दिव्या के लिविंग रूम में कोई बालकनी नहीं थी। कमरे में सिर्फ एक ही खिड़की थी जिसमें ग्रिल नहीं थी। उसी खिड़की के नीचे पार्किंग की जगह थी। लेकिन उस दिन वहां कोई भी गाड़ी नहीं खड़ी थी। बताया जाता है कि दिव्या खिड़की के पास खड़ी थी। उनका पैर फिसल गया और वह पांचवे माले से नीचे गिर गईं। उन्हें तुरंत कूपर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दिव्या ने दम तोड़ दिया।



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