आतंक का कहर : जब पढ़ा-लिखा नौजवान ऐसे बन गया खूंखार आतंकवादी
बॉलीवुड में भारत-पाकिस्तान और आतंकवाद के मुद्दे पर कई फिल्में बनी हैं और बनती रहती हैं। आज हम एक ऐसी फिल्म के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसने ऑडिएंस को हिला कर रख दिया था। पिछले साल रिलीज हुई 'ओमर्टा' राजकुमार राव के अभिनय से सजी फिल्म ब्रिटिश मूल के पाकिस्तानी आतंकवादी उमर सईद शेख पर आधारित है। इसमें 1994 में भारत में विदेशी नागरिकों के अपहरण, 1999 में कंधार विमान अपहरण के बाद तीन आतंकवादियों की रिहाई करवाई थी। एक धार्मिक कट्टरपंथी होने के नाते धीरे-धीरे कैसे वो एक आतंकवादी बन जाता है।
इस फिल्म में बताया गया एक पढ़ा लिखा नौजवान खूंखार आतंकवादी बन जाता है। अहमद उमर सईद शेख (राजकुमार राव) एक पढ़ा-लिखा जहीन नौजवान है। वह बोस्निया में अपने मुस्लिम भाई-बहनों पर हो रहे अत्याचारों से बहुत दुखी हैं। वह उनकी मदद करना चाहता है और अपनी भावनाएं लंदन के एक मौलाना से साझा करता है। इसके बाद उसका ब्रेनवॉश शुरू किया जाता है और फिर ट्रेनिंग देकर एक बेहद खूंखार आतंकवादी बना दिया जाता है।
उसके पिता उसे कई बार समझाने की कोशिश करते हैं लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहता है। वह कई बड़ी आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देता है और दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादियों में उसकी गिनती होने लगती है। डेनियल पर्ल की हत्या के आरोप में 2002 में उसे गिरफ्तार किया जाता है और मौत की सजा दी जाती है। हालांकि अभी तक उस सजा की तामील नहीं हो सकी है।
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