काजोल की 'दादी' की आखिरी समय हो गई थी ऐसी हालत, जब अस्पताल में लड़ रही थीं जिंदगी और मौत की जंग, कोई नहीं था साथ
बॉलीवुड में मां के किरदार के लिए जानी जाने वाली एक्ट्रेस Achala Sachdev की आज डेथ एनिवर्सरी है। अचला सचदेव को बलराज साहनी के साथ उनके एवरग्रीन गाने 'ऐ मेरी जोहराजबीं' के लिए जाना जाता है। अचला ने बॉलीवुड कई फिल्मों में मां का किरदार निभाया है। उनकी मौत 30 Apri, 2012 में Pune में हुई थी। अपने जमाने की इतनी पॉपुलर एक्ट्रेस की मौत की बेहद ही दर्दनात रही।
अचला सचदेव 1965 की हिट फिल्म 'वक्त' में बलराज साहनी की पत्नी की भूमिका निभाने वाली अचला को आज भी याद किया जाता है। 1920 में पेशावर में जन्मीं अचला की आखिरी फिल्म 'दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे' थी। इस फिल्म में उन्होंने अमरीश पुरी की मां और काजोल की दादी की भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने करियर में कुल 250 फिल्में की थीं। यहीं नहीं उन्होंने कई टीवी सीरियल में भी काम किया। आचला ने अपने फिल्मी कॅरियर की शुरुआत यश चोपड़ा की फिल्म 'दाग' से की थी।
अचला का अंतिम समय अकेले पर में गुजरा। पति की मौत के बाद वह 12 सालों तक अपने 2 बीएचके फ्लैट में अकेले ही रहती थीं। उनका बेटा यूएस में रहता है। उनके साथ सिर्फ एक अटेंडेंट रात में घर पर रहती थी। एक रात वो पानी लेने के लिए किचन में गईं और गिर पड़ीं। इससे उनका पैर टूट गया। इसके बाद उन्हें पुणे के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान उनका पूरा शरीर पैरालाइज्ड हो गया था। उनकी ऐसी हालत में भी उन्हें हॉस्पिटल में मिलने बॉलीवुड का एक भी शख्स नहीं पहुंचा। देखभाल और अच्छे ट्रीटमेंट के अभाव में वो तीन महीने तक हॉस्पिटल में ही पड़ी रहीं। अपने आखिरी दिनों में अचला खुद से अकेले ही लड़ती रहीं और साल 2012 में उनका निधन हो गया।
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