छत्तीसगढ़ी व्यंग्य - तिजहा फरार अउ मइके मया-माया
भाई ह उनकर तीनों बहिनी अउ फूफू बर नवा लुगरा चूरी-फुंदरी अउ सिंगार के सकल चीज लानिस. तस्मई (खीर), पूरी, तिखुर, सिंघाड़ा, नरियर अउ किसम–किसम के भोग-राग के फरहार होगे. पारा परोस ले आय फरहरी के नेवता म उन गिन. चार-पांच घर जा के उन अउ फरहार करिन. दूसर मन ल घलो उन अपन घर बला के खवइंन-पियइन्.इही त मया-मोह आय. अपन जनम-भूमि के कोरा सब झन ल बलाथे. मया करथे.
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